भारत में, जिससे प्यार किया उसी से शादी करना आसान नहीं है, जब तक कि लड़का और लड़की दोनों एक ही धर्म, जाति या लिविंग स्टैण्डर्ड से बिलोंग ना करते हो। लेकिन प्यार यह सब चीज़ें देखकर नहीं होता। जब कपल फैमिली की मर्जी के बिना लव मैरिज कर लेते है, तो उनकी फैमिली ही उनकी जान की दुश्मन बन जाती है। लेकिन कानून सभी बालिग़ लोगों को अपना लाइफ पार्टनर चुनने का अधिकार देता है। और जरूरत पड़ने पर लव मैरिज करने वाले कपल्स को पुलिस प्रोटेक्शन भी देता है। आईये जानते है कैसे कपल इसका लाभ उठा सकते है।
पुलिस प्रोटेक्शन:-
प्रोटेक्शन लेने के कुछ तरीके इस प्रकार है।
(1) हाई कोर्ट प्रोटेक्शन:-
अगर कपल को अपनी शादी को लेकर किसी व्यक्ति से डर है। तो कपल अपनी सेफ्टी के लिए शादी होने के बाद खुद हाई कोर्ट जाकर पुलिस प्रोटेक्शन की मांग कर सकते है। इसके लिए उन्हें अपना मैरिज सर्टिफिकेट और बाकि जरुरी डाक्यूमेंट्स दिखाने होंगे। कोर्ट से आर्डर होने पर पुलिस को प्रोटेक्शन देना होगा।
(2) एसपी ऑफिस प्रोटेक्शन:-
अगर कपल हाई कोर्ट नहीं जाना चाहते या किसी वजह से नहीं जा पा रहे है। तो वह शादी होने के बाद एसपी ऑफिस से भी प्रोटेक्शन ले सकते है। प्रोटेक्शन के लिए कपल को अपने डाक्यूमेंट्स और शादी का सर्टिफिकेट साथ लेकर जाना जरूरी है।
(3) इंटिमेशन लेटर:-
अगर कपल चाहे तो उनकी शादी के बाद एसपी ऑफिस और लोकल थाने में कपल की शादी का इंटिमेशन लेटर भिजवाया जाता है। इंटिमेशन लेटर भिजवाने का मतलब है कि कपल ने कानूनी तौर पर भारत के प्रशासन को बता दिया है कि कपल ने अपनी मर्जी से एक दूसरे से शादी कर ली है। अगर लड़की के फैमिली मेंबर्स लड़के पर किडनैपिंग या रेप का आरोप लगाते है। तो यह लेटर लड़के और उसके फैमिली मेंबर्स को प्रोटेक्ट करता है।
प्रोटेक्शन के लिए डाक्यूमेंट्स:-
कपल को अपनी शादी के बाद पुलिस प्रोटेक्शन लेने के लिए इन सभी डाक्यूमेंट्स की जरुरत पड़ती है।
A. एज प्रूफ – मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट / बर्थ सर्टिफिकेट / राशन कार्ड / वोटर आईडी कार्ड / आधार कार्ड।
B. एड्रेस प्रूफ
C. मैरिज प्रूफ – शादी की फोटोज़ / मैरिज सर्टिफिकेट।